किसान आंदोलन राजस्थान में | Rajasthan Kisan Andolan Detailed GK (KBGK)
किसान आंदोलन राजस्थान में भारत के किसान संघर्ष इतिहास का एक बहुत महत्वपूर्ण अध्याय है। राजस्थान में समय-समय पर किसानों ने अपनी ज़मीन के अधिकार, लगान, पानी, फसल का मूल्य, अन्यायपूर्ण कर और सरकारी नीतियों के ख़िलाफ आवाज़ उठाई।
राजस्थान के किसान आंदोलन केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ये सामाजिक परिवर्तन का भी बहुत बड़ा आधार रहे। इन्हीं आंदोलनों की वजह से किसानों में राजनैतिक जागरूकता, जनप्रतिनिधित्व और हक़ की समझ विकसित हुई।
पृष्ठभूमि (Background)
राजस्थान में किसान वर्ग बहुत बड़ा है।
मरुस्थलीय क्षेत्र होने के कारण यहाँ कृषि निर्भरता और पानी की कमी एक बड़ी समस्या रही है।
20वीं सदी में जब सामंत/राजा/ठिकानेदारों की मनमानी चरम पर थी, तब किसानों को –
जबरन लगान देना पड़ता था
किसानों की फसल का मनमाना मूल्य तय होता था
भूमि के नाम पर भारी कर लगाया जाता था
किसान श्रमिकों का शोषण होता था
इन्हीं कारणों से राजस्थान में कई बड़े किसान आंदोलन हुए, जिनमें से कुछ आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चित रहे।
राजस्थान के 4 सबसे प्रमुख किसान आंदोलन
आंदोलन का नाम वर्ष / एरिया उद्देश्य
सीकर किसान आंदोलन 1930-40 लगान व टैक्स कम करवाना
निमाड़ा आंदोलन 1942 किसान उत्पीड़न के विरुद्ध
एकलिंगनाथ आंदोलन 1950 के बाद जमीन – सिंचाई – कर सुधार
बीसलपुर जल आंदोलन 2000+ पीने व सिंचाई के जल अधिकार
सीकर किसान आंदोलन (Sikar Kisan Andolan)
सीकर किसान आंदोलन राजस्थान इतिहास में एक निर्णायक मोड़ था।
1930-40 के दौरान ठिकानेदारों द्वारा किसानों पर बहुत अत्याचार किए जा रहे थे। लगान इतना अधिक था कि किसान अपनी उपज का बड़ा भाग दे देता था।
मुद्दे
अन्यायपूर्ण कर व्यवस्था
लगान वसूली में अत्याचार
किसानों को सुनवाई का कोई अधिकार नहीं
परिणाम
> इस आंदोलन के कारण किसानों को लगान कम कराने में बड़ी सफलता मिली।
किसानों का संगठन तथा एकता उस दौर की बहुत बड़ी उपलब्धि थी।
निमाड़ा आंदोलन (Nimada Movement)
निमाड़ा आंदोलन वर्ष 1942 में हुआ।
यह किसान आंदोलन गाँव स्तर के शोषण और दमन के खिलाफ एक प्रमुख लड़ाई था।
मुख्य बिंदु
इस आंदोलन में किसानों ने दमनकारी नीतियों के खिलाफ सामूहिक विरोध किया
महिलाओं की बड़ी भूमिका थी
इस आंदोलन ने किसान स्वाभिमान को नई पहचान दी
एकलिंगनाथ किसान आंदोलन (Eklignath Kisan Movement)
ये आंदोलन मेवाड़ क्षेत्र (Udaipur Zone) में बहुत उल्लेखनीय रहा।
Why Famous?
इस आंदोलन में किसानों ने
शोषण, अन्याय, अनियमित कर, और अन्य प्रशासनिक अत्याचारों के खिलाफ आवाज़ उठाई।
किसानों ने संगठन बनाकर शासन से सुधार की मांग की।
बीसलपुर जल आंदोलन (Beesalpur Water Andolan)
2000 के दशक में बीसलपुर बांध परियोजना से किसान प्रभावित हुए।
किसानों ने सरकार से पानी वितरण व्यवस्था में उचित हिस्सा और सिंचाई जल अधिकार की मांग की।
Key Point
यह आंदोलन राजस्थान के आधुनिक जल आंदोलनों का सबसे बड़ा संघर्ष माना गया।
क्यों राजस्थान के किसान आंदोलन इतने महत्वपूर्ण रहे?
कारण / वजह:
सामंती व्यवस्था में किसानों पर नियंत्रण
कृषि आधारित अर्थव्यवस्था
शोषणकारी कर
पानी की किल्लत
फसल लागत – बाजार मूल्य का संघर्ष
इन आंदोलनों से राजस्थान में—
राजनैतिक चेतना बढ़ी
किसान संगठन मजबूत हुए
लगान नीति में सुधार हुए
जल एवं सिंचाई का प्रश्न राष्ट्रीय बहस बना
Conclusion
राजस्थान के किसान आंदोलन इतिहास, वर्तमान और भविष्य — तीनों में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
ये आंदोलन केवल जमीन और कर सुधार तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतंत्र में नागरिक अधिकारों और न्याय की बुनियाद भी बने।
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